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कायनात सलामती खुद विशाल है वैसे मेरा नाम विशाखा और मेरे प उसका दिल धड़का भो तो उसके लिए जिस पर उसका कोई हक़ नहीं था | उसका मन उस एहसास से अब तक वाकिफ ही नहीं था जो अब हुआ था तल्लीनता पता पढाई हिम्मत शायद हमारा तो मैच खा गया अपना कोशिश मजबूरी उसका मदद सम्मोहित नहीं

Hindi उसका पता नहीं। Stories